कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज पर मंडराया ‘कोल्ड डे‘ का खतरा

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कानपुर। अब कुछ दिनों तक सर्दी का सितम और बढ़ जाएगा। कोहरे और धुंध के बीच धूप निकलेगी, लेकिन उसका कोई खास असर नहीं होगा। अधिकतम ओर न्यूनतम तापमान में उतार चढ़ाव रहेगा। शीत लहर के साथ ही गलन में इजाफा होगा। न्यूनतम तापमान के तेजी से नीचे जाने से ‘कोल्ड डे‘ का खतरा मंडरा रहा है।
जम्मू कश्मीर के उपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। रविवार की सुबह न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डाॅ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि ‘कोल्ड डे‘ की संभावना बन रही है। यही स्थिति लखनऊ, प्रयागराज, झांसी, सीतापुर, वाराणसी, अलीगढ़, गाजियाबाद आदि शहरों की है। उत्तर पश्चिमी, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही हवा का मिलन हो रहा है।
भारत के मध्य क्षेत्र के ऊपर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र विकसित हुआ है। इसकी वजह से कुछ हिस्सों में बारिश के आसार हैं। इस समय अत्याधिक उंचाई पर बादल छाए हुए हैं। यह धूप के असर को कम कर रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी क्षेत्रों में रहेगा। सुबह के समय धूप रहेगी तो शाम के समय ठंड बढ़ जाएगी। इसी तरह शाम को बादल रहे तो दिन में सर्दी का असर अधिक होगा।

छाया रहेगा कोहरा, प्रभावित होगा सफर
घने कोहरे और धुंध की वजह से बस, रेल और हवाई यात्राएं प्रभावित हैं। रोडवेज बसें जहां सड़कों पर रेंग रही हैं, वहीं ट्रेनों की हालत और दयनीय हैं। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात समेत अन्य हिस्सों में जाने वाली ट्रेनें 12 से 18 घंटे की देरी से चल रही हैं। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का बुरा हाल है। ठंड से बचाव के लिए आग और आड़ वाली जगह की तलाश कर रहे हैं। हवाई सेवा भी प्रभावित चल रही है। लो विजिबिल्टी के चलते दिल्ली और मुंबई से आने वाली फ्लाईट को काफी समय लग रहा है।

अभी फसलों के लिए नुकसान नहीं
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डाॅ. खलील खान ने बताया कि अभी का मौसम फसलों के लिए नुकसानदायक नहीं है। यह ठंड गेहूं और अन्य सब्जियों के लिए सही है। न्यूनतम तापमान के चार डिग्री सेल्सियस से नीचे आने पर पाला पड़ने की आशंका रहती है। इस स्थिति में फसलें प्रभावित होती हैं।

सात साल बाद सबसे गर्म रहा दिसंबर
डाॅ. एसएन सुनील पांडेय के मुताबिक मौसमी दशाओं में आए बदलाव के कारण सात साल बाद दिसंबर सबसे गर्म रहा। इस बार औसत अधिकतम तापमान करीब 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। 2016 में तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस था। इस साल 30 दिसंबर तक एक भी शीत लहर या शीत दिवस दर्ज नहीं हुआ।
साल 2017 में भी पूरे माह एक भी दिन शीत लहर या शीत दिवस दर्ज नहीं पड़ा था। इस साल दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ भी कमजोर रहा। औसम न्यूनतम तापमान भी 8.47 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले 2017 में औसत न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

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